निदेशक का संदेश

  • निर्देशक का संदेश
  • पिछडे वर्गों के कल्याण के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, उ0प्र0 की स्थापना 1995 में की गयी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय, उ0प्र0 पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग स्थापित है।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अपने विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के माध्यम से पिछड़े वर्गों के शैक्षिक, आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए सतत् कृत संकल्प है। इस श्रृंखला में पिछडे वर्ग के छात्रों के शैक्षिक उत्थान एवं उनके आगे की पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए उनको पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना तथा उनके स्कूल/कालेजों में भरी जाने वाली अनिवार्य नान रिफण्डेबुल फीस की प्रतिपूर्ति करने हेतु शुल्क प्रतिपूर्ति योजना भी संचालित है।

    पिछड़े वर्ग के गरीब छात्र/छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई निरन्तर जारी रखने हेतु यदि वे अपने क्षेत्र से बाहर पढ़ने जाते हैं, तो उनको निःशुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्र एवं छात्राओं हेतु अलग-अलग छात्रावास निर्माण योजना भी संचालित है।

    इसके अतिरिक्त पिछड़े वर्ग के गरीब माता-पिता/अभिभावकों की पुत्रियों की शादी हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के उद्देश्य से शादी अनुदान योजना भी संचालित है।

    वर्तमान परिदृश्य में कम्प्यूटर की महत्ता/आवश्यकता को देखते हुए एवं रोजगार प्राप्त करने के उद्देश्य से कम्प्यूटर संचालन की प्राथमिकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा पिछड़े वर्ग के शिक्षित (इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण) बेरोजगार युवक/युवतियों हेतु कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित है।

    आशा ही नही अपितु पूर्ण विश्वास है कि इस कल्याणकारी अभियान में सभी का सम्यक् सहयोग प्राप्त होगा।