बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न

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    उत्तर

    अल्पसंख्याक पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को पिछड़ा वर्ग कल्याण से छात्रवृत्ति मिल सकती है? नहीं, उसके लिए अल्पसंख्याक पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से आवेदन करना होगा।
    पूर्वदशम् छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु क्या पात्रता निर्धारित है?
    • उत्तर प्रदेश में अध्ययनरत् एवं उत्तर प्रदेश के मूल निवासी।
    • छात्र के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय रू0 02 लाख तक।
    • समस्त राजकीय विद्यालय, राजकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत् छात्र/छात्रायें (बजट उपलब्धता की सीमा तक)।
    पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत किस कक्षा के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति अनुमन्य करायी जाती है?
    • वर्तमान में केवल कक्षा 9-10 हेतु योजना संचालित है, जिसके अन्तर्गत छात्रवृत्ति अनुमन्य करायी जाती है।
    • वित्तीय वर्ष 2014-15 से कक्षा 1-8 की छात्रवृत्ति योजना स्थगित है।
    पूर्वदशम छात्रवृत्ति की क्या धनराशि निधारित है? रू0 150 प्रति माह अधिकतम् 10 माह हेतु एवं वार्षिक अनुदान रू0 750 एकमुश्त, इस प्रकार अधिकतम् रू0 2250 वार्षिक निर्धारित है, जिसका भुगतान छात्र के कक्षा में प्रवेश की तिथि के आधार पर किया जाता है।
    पूर्वदशम छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु क्या वरीयता क्रम निर्धारित है?
    • केन्द्र अथवा राज्य सरकार के विभागों/निकायों द्वारा संचालित राजकीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत् छात्र/छात्राओं को प्रथम वरीयता
    • इसके बाद बजट उपलब्ध होने पर निम्न वरीयता अनुसार:-
    • शासकीय सहायता प्राप्त निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थान
    • निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान
    पूर्वदशम छात्रवृत्ति धनराशि प्रेषण की क्या प्रक्रिया निर्धारित है? पूर्वदशम छात्रवृत्ति की धनराशि कोषागार की ई-पेमेन्ट प्रणाली के तहत पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से सीधे छात्र/छात्राओं के खातों में प्रेषित किया जाता है।
    छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान कब किया जाना है? वर्ष 2019-20 हेतु निर्गत समय-सारिणी के अनुसार 02 अक्टूबर, 2019 व 26 जनवरी, 2020 में किया जाना है।
    दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु क्या पात्रता निर्धारित है?
    • उत्तर प्रदेश में अध्ययनरत् एवं उत्तर प्रदेश के मूल निवासी।
    • छात्र के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय रू0 02 लाख तक।
    • समस्त राजकीय, राजकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था में अध्ययनरत् छात्र/छात्रायें। (बजट उपलब्धता की सीमा तक)।
    क्या प्रदेश के बाहर अध्ययनरत् अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा अनुमन्य है? उ0प्र0 के रहने वाले प्रदेश के बाहर अध्ययनरत् अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं  को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा अनुमन्य नही है।
    दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत किस कक्षा के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति अनुमन्य करायी जाती है? कक्षा 11-12  एवं अन्य दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत् अन्य पिछड़े वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़कर) के छात्र/छात्राओं को दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान किया जाने हेतु योजना संचालित है।
    दशमोत्तर छात्रवृत्ति हेतु क्या दरें निर्धारित है?
    • समूह-1 हेतु दिवा छात्रों को रू0 550/- मासिक एवं छात्रावासीय छात्रों को रू0 1200/- प्रतिमाह निर्धारित है।
    • समूह-2 हेतु दिवा छात्रों को रू0 530/- मासिक एवं छात्रावासीय छात्रों को रू0 820/- प्रतिमाह निर्धारित है।
    • समूह-3 हेतु दिवा छात्रों को रू0 300/- मासिक एवं छात्रावासीय छात्रों को रू0 570/- प्रतिमाह निर्धारित है।
    • समूह-4 हेतु दिवा छात्रों को रू0 230/- मासिक एवं छात्रावासीय छात्रों को रू0 380/- प्रतिमाह निर्धारित है।
    शैक्षिक सत्र में शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु क्या दरें निर्धारित है?
    • आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन पत्र के सम्बन्धित कालम में छात्र द्वारा भरी गयी वार्षिक अनिवार्य नान रिफण्डेबुल शुल्क की धनराशि अथवा पाठ्यक्रम हेतु सक्षम प्राधिकारी स्तर से अनुमोदित वार्षिक नाॅन रिफण्डेबुल शुल्क अथवा समूहवार निर्धारित धनराशि में से जो भी न्यूनतम् होगी, शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में छात्र के बैंक खाते में सीधे अंतरित की जायेगी। समूहवार निर्धारित शुल्क की धनराशि का विवरण निम्नवत् हैः-
    • समूह-1 हेतु अधिकतम् रू0 50,000/- निर्धारित है।
    • समूह-2 हेतु अधिकतम् रू0 30,000/- निर्धारित है।
    • समूह-3 व 4 हेतु तकनीकी डिप्लोमा कोर्सों के लिए अधिकतम् रू0 20,000/- तथा गैर तकनीकी कोर्सों/01 वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्सों हेतु अधिकतम् रू0 10,000/- निर्धारित है।
    छात्रवृत्ति हेतु क्या वरीयता क्रम निर्धारित है? सर्वप्रथम उपलब्ध बजट की सीमा में शासकीय, शासकीय सहायता प्राप्त एवं निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत कक्षा-11 एवं 12 के गतवर्ष की परीक्षा की 50 प्रतिषत मेरिट वाले सभी अर्ह छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है। षेश बजट उपलब्ध होने पर अन्य समूहों के 50 प्रतिषत मेरिट तक अर्ह छात्रों को और उसके बाद भी यदि बजट बचता है तो कक्षा-11 एवं 12 के 50 प्रतिषत मेरिट से निम्न मेरिट वाले उत्तीर्ण छात्रों को बजट उपलब्धता की सीमा तक छात्रवृत्ति दी जाती है।
    शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु क्या वरीयता क्रम निर्धारित है? सर्वप्रथम उपलब्ध बजट की सीमा में शासकीय, शासकीय सहायता प्राप्त एवं निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत कक्षा-11 एवं 12 के गतवर्ष की परीक्षा की 50 प्रतिशत मेरिट वाले सभी अर्ह छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। शेष बजट उपलब्ध होने पर अन्य समूहों के 50 प्रतिशत मेरिट तक अर्ह छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है।
    छात्रवृत्ति से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र किस वेबसाइट पर जाकर किया सकता  है? योजना पूर्णतया आनलाइन है तथा छात्रवृत्ति वेबसाइट http://scholarship.up.nic.in पर जाकर छात्र/छात्राओं द्वारा योजनान्तर्गत आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन किया जा सकता है एवं अन्य छात्रवृत्ति योजना से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकी है।
    कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना हेतु पात्रता क्या है?
    • प्रशिक्षणार्थी इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य।
    • अभिभावक की आय रू0 01लाख तक।
    • आय,जाति,निवास प्रमाण पत्र एवं इण्टमीडिएट की मार्कशीट।
    कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु आवेदन किस प्रकार किया जाए ? प्रशिक्षणार्थी वेबसाइट http://obccomputertraining.upsdc.gov.in पर लागिन करने के पश्चात् वांछित कालमों को पूर्ण करते हुए एवं संलग्नकों को अपलोड करने के पश्चात् अपने डाटा को लाक करें। उक्त बेबसाइट पर आवेदन की प्रक्रिया भी प्रदर्शित है।
    संस्थाओं का चयन किस प्रकार किया जाता है?

    शासनादेश सं0 06 /2018/ 190/64-2-2018-1(68)/2006 दिनांक 27 फरवरी, 2018 में निहित प्रविधानो के अनुसार गठित चयन समिति द्वारा संस्थाओं का चयन किया जाता है। चयन समिति निम्न प्रकार है-
    1-निदेशक                                                   -      अध्यक्ष
    2-योजना प्रभारी                                         -       सचिव
    3-एन0आई0सी द्वारा नामित व्यक्ति     -       सदस्य
    प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु इच्छुक एवं नीलिट से माध्यमता प्राप्त संस्थाएं वेबसाइट http://obccomputertraining.upsdc.gov.in पर अपनी संस्था के आधार भूत ढांचे को आनलाइन दर्ज करने के पश्चात् समस्त अभिलेख की पत्रावली निदेशालय पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0 में निर्धारित तिथि तक जमा करने के पश्चात् उक्त समिति द्वारा परीक्षण करने के उपरान्त नियमानुसार चयन   की कार्यवाही की जाती है।

    प्रशिक्षणार्थियों की चयन की प्रक्रिया किस प्रकार होती है?

    प्रशिक्षणार्थियों द्वारा भरे गये आवेदन राज्य एन0आई0सी0 को प्राप्त होते है। राज्य एन0आई0सी0 संबंधित जिले के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पोर्टल पर प्रदर्शित करता है। शासनादेश में निहित प्रक्रिया के अनुसार इण्टरमीडिए के प्राप्ताकों की मेरिट के अनुसार प्रशिक्षणार्थी सूची तैयार होती है। निर्धारित भौतिक लक्ष्य के अनुसार जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी आनलाई सूची तैयार करते हुए जिला चयन समिति से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त डाटा को लाक करता है एवं चयनित प्रशिक्षणदायी संस्थाओं को प्रशिक्षणार्थियों को सूची आनलाइन प्रेषित करता है। प्रशिक्षणदायी संस्थाएं प्रशिक्षण नियमानुसार करता है।

    प्रशिक्षण हेतु निर्धारित शुल्क क्या है?

    ‘‘ओ‘‘ लेवल हेतु रू0 15,000.00 प्रति छात्र एवं
    सी0सी0सी0 हेतु रू0 3,500.00 प्रति छात्र।

    प्रशिक्षण हेतु निर्धारित का शुल्क भुगतान किस प्रकार होता है?

    शासनादेश सं0 06/2018/190/64-2-2018-1(68)/2006 दिनांक 27 फरवरी, 2018 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण शुल्क के भुगतान हेतु आवश्यक धनराशि निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0 द्वारा सीधे ई-पेमेन्ट के माध्यम से संस्था के बैंक खातें में अंतरित की जायेगी। भुगतान दो किस्तों में किया जायेगा।  50 प्रतिशत धनराशि का भुगतान प्रशिक्षण कार्य प्रारम्भ होने व रजिस्ट्रेशन कराने तथा प्रथम 3 माह में 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कार्य के 6 माह पूर्ण होने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा कम से कम दो प्रश्नपत्र परीक्षा में बैठन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर विचार किया जायेगा।

    क्या प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षणार्थी को कोई शुल्क देय होगी?

    हाँ, प्रशिक्षणार्थी का नीलिट मे रजिस्ट्रेशन तथा प्रशिक्षण निःशुल्क कराया जाएगा तथा नीलिट द्वारा लिये जाने वाले परीक्षा शुल्क का भुगतान प्रशिक्षणार्थी को स्वयं करना होगा।

    ओ लेवल एवं सी0सी0सी0 प्रशिक्षण की अवधि कितनी वर्ष की होती है?

    ओ लेवल हेतु 01 वर्ष एवं सी0सी0सी0 हेतु 03 माह का प्रशिक्षण निर्धारित है।

    शादी अनुदान योजना किस प्रकार की योजना है?

    शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़े वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियो की शादी हेतु अनुदान दिलाये जाने के सम्बन्ध में एक कम्यूटरीकृत आनलाइन योजना है।

    शादी अनुदान की आनलाइन प्रक्रिया क्या है?

    आवेदक द्वारा जनसुविधा क्रेन्दों, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, साइबर कैफे या निजी बेवसाइट द्वारा विभाग की बेवसाइट http://www.shadianudan.upsdc.gov.in पर स्वयं आनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, अन्यथा किसी अन्य के माध्यम से आवेदन स्वीकार नही नहीं किये जायेगें। आवेदन में दर्ज प्रविष्टियो की शुद्वता का पूर्ण उत्तदायित्व स्वयं आवेदक का होगा।

    शादी अनुदान के आवेदन में क्या-क्या प्रपत्र लगते है?

    आवेदक को आनलाइन आवेदन करते समय सभी अभिलेख जैसे-आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवेदक का आधार कार्ड, शादी की तिथि निर्धारित होने का प्रमाणपत्र (शादी कार्ड), विधवा/विकलांग होने की स्थिति में प्रमाण पत्र एवं बैंक खाता सम्बन्धी प्रपत्रो को सबमिट करना अनिवार्य है।

    शादी अनुदान में पुत्री की आयु सीमा कितनी होनी चाहिये?

    शादी हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है।

    शादी अनुदान की आय-सीमा क्या है?

    शादी अनुदान की आय सीमा शहरी क्षेत्र में रू0 56,460/-प्रतिवर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्र में रू0 46,080/- प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

    एक वर्ष में एक परिवार की कितनी पुत्रियों को अनुदान मिल सकता है?

    एक ही परिवार से अधिकतम 02 पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान अनुमन्य होगा।

    शादी अनुदान में कितनी धनराशि देय होती है?

    शादी अनुदान में देय धनराशि प्रति शादी रू0 20,000/- होती है।

    शादी की तिथि से कितने दिन पहले और कितने दिन बाद तक आवेदन किया जा सकता है?

    आवेदक द्वारा आनलाइन आवेदन शादी की तिथि के 90 दिन पूर्व तथा 90 दिन पश्चात् तक करना अनिवार्य होगा।

    आवेदक प्रिन्ट आउट की हार्डकापी (शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु) कहाँ सबमिट करेगे?

    आवेदक प्रिन्ट आउट की हार्डकापी (शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु) शहरी क्षेत्र में उपजिलाधिकारी द्वारा नामित सत्यापनकर्ता अधिकारी/कर्मचारी यथा लेखपाल के यहाँ सबमिट करेंगे।

    आवेदक प्रिन्ट आउट की हार्डकापी (ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु) कहाँ सबमिट करेगे?

    आवेदक प्रिन्ट आउट की हार्डकापी (ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु) ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा नामित सत्यापनकर्ता अधिकारी/कर्मचारी यथा-ग्राम्य विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी/सहायक विकास अधिकारी के यहाँ सबमिट करेंगे।

    क्या शादी अनुदान उसी वर्ष में देय है?

    हाँ

    यदि उसी वित्तीय वर्ष में अनुदान नहीं मिलता है , तो क्या आगे मिलेगा?

    वित्तीय वर्ष की समाप्ति के उपरान्त विगत वित्तीय वर्ष की कोई मांग अगले वित्तीय वर्ष में अग्रेणीत नही की जायेगी।

    शादी अनुदान में बजट आवंटन की प्रक्रिया क्या है?

    निदेशालय द्वारा जनपदो में संबधित वर्गो की जनसंख्या तथा उस वर्ग में व्याप्त गरीबी को ध्यान में रखते हुये वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ में जनपदवार नोशनल आवंटन किया जायेगा तथा उक्त आवंटन की 50 प्रतिशत की राशि अप्रैल माह में जनपद को अवमुक्त की जायेगी।

    शादी अनुदान में पुत्रियों को शादी अनुदान हेतु धनराशि का भुगतान किस स्तर से किया जाता है?

    शादी अनुदान की राशि का भुगतान पी0एफ0एम0एस प्रणाली के माध्यम से ई-कुबेर द्वारा सीधे लाभार्थियों के खातो में अन्तरित की जाती है।

    छात्रावास प्रस्ताव किस प्रकार की संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराये जायेंगे?

    उत्तर प्रदेश के राजकीय शिक्षण संस्थानों द्वारा भारत सरकार से निर्गत वर्ष 2017-18 की गाइड-लाईन के अनुसार समस्त वांछित अभिलेखों सहित छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव उपलब्ध कराने की व्यवस्था हैं।

    राजकीय शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव किसको उपलब्ध करायेंगे?

    राजकीय शिक्षण संस्थानों द्वारा भारत सरकार से निर्गत वर्ष 2017-18 की गाइड-लाईन के अनुसार समस्त वांछित अभिलेखों सहित छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव सम्बन्धित जनपद के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराये जाते हैं।

    जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव किसको प्रेषित करेंगे?

    सम्बन्धित जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में शिक्षण संस्थानों से प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्तावों को भारत सरकार की गाइड-लाईन/दिशा निर्देशों के अनुसार जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी द्वारा परीक्षणोपरान्त स्थलीय सत्यापन किया जाता है। यदि प्रस्ताव सही पाया जाता है, तो समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण कराते हुए अपनी रिपोर्ट के साथ सम्बन्धित जिलाधिकारी की संस्तुति सहित निदेशालय, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को छात्रावास के प्रस्ताव प्रेषित किये जाते हैं।

    निदेशालय, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0, लखनऊ को प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव किसको प्रेषित किये जाते हैं?

    निदेशालय, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0, लखनऊ को प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्तावों को लोक निर्माण विभाग की प्रचलित दरों के अनुसार सक्षम स्तर से स्वीकृत स्टीमेट के साथ भारत सरकार के स्वीकृतार्थ अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0 शासन को प्रस्ताव प्रेषित किये जाते हैं।

    अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव किसको पे्रषित किये जाते हैं?

    अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0 शासन को प्राप्त छात्रावास निर्माण के प्रस्तावों की स्वीकृत प्रदान किये जाने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किये जाते हैं।

    भारत सरकार द्वारा छात्रावास निर्माण हेतु प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने के पश्चात स्वीकृति किसको भेजी जाती है?

    भारत सरकार द्वारा छात्रावास निर्माण के प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृत कर अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को केन्द्रांश धनराशि सहित छात्रावास की स्वीकृति उपलब्ध करायी जाती है।

    अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को भारत सरकार से छात्रावास निर्माण के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात क्या कार्यवाही की जाती है?

    भारत सरकार से छात्रावासों के निर्माण की स्वीकृत शासन को प्राप्त होने के पश्चात शासन द्वारा स्वीकृत छात्रावासों के निर्माण कराये जाने हेतु कार्यदायी संस्थाओं का चयन करते हुए निर्धारित धनराशि सहित निदेशालय को अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित किये जाते हैं।

    निदेशालय द्वारा शासन स्तर से स्वीकृत छात्रावासों के निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्राप्त बजट को किसको प्रेषित किया जायेगा?

    निदेशालय, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उ0प्र0, लखनऊ के स्तर से छात्रावास के निर्माण हेतु शासन द्वारा चयनित कार्यदायी संस्थाओं से अनुबन्ध करते हुए सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं के बैंक खातों में कोषागार के माध्यम से निर्धारित किस्तवार स्वीकृत धनराशि को नियमानुसार प्रेषित की जाती है।

    स्वीकृत छात्रावासों के निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात संचालन हेतु किसको हैंडओवर कराये जाते हैं?

    छात्रावासों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात सम्बन्धित जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकरियों के माध्यम से सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों को संचालन हेतु हस्तान्तरित करा दिये जाते हैं।

    छात्रावास में छात्र/छात्राओं को किसके द्वारा आवासित कराया जाता है?

    निर्मित छात्रावासों में सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को आवासित कराया जाता है।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के जनपदों में बनवाये गये छात्रावासों में बिजली, पानी, वार्डेन, चैकीदार, टूट/फूट आदि की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी किसकी है?

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के जनपदों में बनवाये गये छात्रावासों में बिजली, पानी, वार्डेन, चैकीदार, टूट/फूट आदि की मरम्मत कराने की समस्त जिम्मेदारी सम्बन्धित शिक्षण संस्थान की होती है।