इतिहास एवं पृष्ठभूमि

  • इतिहास एवं पृष्ठभूमि
  • पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश की स्थापना शासनादेश संख्या-1826/26-2-95 दिनांक 20 सितम्बर, 1995 द्वारा की गयी है, जिसके अन्तर्गत निदेशालय, मण्डल एवं जिला स्तर पर राजपत्रित/अराजपत्रित पदों का सृजन कर कार्यालय स्थापित किये गये हैं।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय स्तर पर वर्तमान में निदेशक, एक मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी (उत्तर प्रदेश वित्त एवं लेखा सेवा संवर्ग), एक संयुक्त निदेशक (पी.सी.एस. संवर्ग), एक संयुक्त निदेशक (विभागीय), एक उपनिदेशक, एक प्रशासनिक अधिकारी, एक अपर सांख्यकीय अधिकारी, एक सहायक सांख्यकीय अधिकारी तथा अन्य लिपिकीय स्टाफ के पद स्वीकृत हैं। मण्डल स्तर पर 18 उप निदेशक के पद एवं प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत हैं।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में ई-गवर्नेन्स की अवधारणा विकसित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। इसके अन्तर्गत दैनिक कार्यकलापों में अधिकांशतः कम्प्यूटर का उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा कम्प्यूटर का प्रयोग जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों को बजट आबंटन करने, बजट प्रस्ताव उपलब्ध कराने, वार्षिक योजना तैयार करने एवं योजनाओं की प्रगति का अनुश्रवण करने आदि में हो रहा है। विभाग द्वारा छात्रवृत्ति योजना, शादी अनुदान योजना एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना का कम्प्यूटरीकरण कार्य, लेखा कार्य तथा प्रदेश के समस्त जनपदों में चल रही विभागीय योजनाओं के अनुश्रवण/समीक्षा हेतु सूचना विज्ञान (आई.टी.) के प्रचलित आधुनिकतम तकनीकों का अधिकतम प्रयोग कर विभाग में शत प्रतिशत ई-गवर्नेन्स स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के समस्त जनपदों के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों के कार्यालय को कम्प्यूटर एवं इण्टरनेट एवं सी.यू.जी. की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में पारदर्शिता बनाये रखने हेतु छात्रवृत्ति वितरण हेतु वित्तीय वर्ष 2013-14 से नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने तथा समस्त पात्र लाभार्थियों को त्वरित गति से लाभ पहुॅचाने हेतु छात्रवृत्ति योजना का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2013-14 से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में पात्र छात्र/छात्राओं से आनलाईन आवेदन पत्र भरवाने एवं योजना की धनराशि पी.एफ.एम.एस. पोर्टल द्वारा कोषागार की ई-पेमेन्ट प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खाते में अन्तरित की जा रही है तथा वित्तीय वर्ष 2014-15 से पूर्वदशम् छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत कक्षा 9 व 10 में भी आनलाईन आवेदन पत्र की व्यवस्था लागू की गई है। इसी प्रकार शादी अनुदान योजनाओं में लाभार्थियों से आनलाईन आवेदन पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था वर्ष 2016-17 से तथा कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु आनलाईन आवेदन पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था वर्ष 2018-19 से लागू की गई है।